Marriage And Divorce

Marriage And Divorce

शादी aur Divorces

आजकल Divorces के खबरे ऐसी मिलती है जेसे sale मे भीड लगी हो. ज़हा news देखू वहां Divorces के बारे मे लिखा होता ही है इसलिये सोचा इसपे एक Article लिख लू ताकी कुछ अपनी और से आपलोगो को कुछ Divinity बता पाऊ / समझा सकु!

marriage and divorce in India

वेसे तो Divorces के reason कुछ भी हो सकते है, जेसे की पर्सनल बात, परिवार की बात, extra मैरिज affair etc.

चलो शुरू से बात करते है, जब शादी होती है तब सबके सामने, भगवान को साक्षी मानकर, रसम के तेहत हम शादी के रिश्ते मे बंध ज़ाते हैं और एक नयी ज़िन्दगी की शुरुवात करते है…! अक्सर शुरू के कुछ साल अच्छे बीत ज़ाते है, और तब ये एहसास होता है की मेरा partner जेसा दुसरा कोई नहीं, फिर चाहे लव मैरिज हो य़ा arrange मैरिज हो. और परिवार अच्छा मिला तो फिर सोने पे सुहागा…! पर जब कठिन काल आता है तब कुछ रिश्तो मे दरार आनी भी शुरू हो जाती है. और असली चेहरा / कहानी यहाँ से ही दिखनी शुरू हो जाती है, और जो partner यहाँ दगा दे जाए तो समझ जाना रिश्ता टूटने की कगार पर है…!

कठिन काल मे साथ छोडने वाले partner को वो सारी खामियां दिखनी शुरू हो जाती है जो उसने कभी सोचा / सोची भी नहीं होती. जेसे की रोज argument, sexual लाइफ, extra marriage affairs, बात ना सुनना / समझ ना पाना etc… ऐसे बहुत से बाते सामने आने शुरू हो जाती है ज़िसका ज़िकर भी करना कठिन होता है। और भी कुछ बाते होती हैं जिससे सचमे कोई divorce करने पर मजबूर हो जाते हैं!

ये बात हुई divorce शुरू होने की, अब मे आता हु divorces को कैसे रोका जा सकता है य़ा कम किया जा सकता है।

उसके पेहले एक बात साफ करना चाहुंगा की, इस दुनिया का कोई भी मैरिज का उदाहरन लो, यहाँ कोई भी जोड़ी परफेक्ट जोड़ी नहीं होती. चाहे उसकी लव मैरिज हो य़ा arrange मैरिज हो! मैने कहीं सुना था की , शादी ये ऐसा रिश्ता है ज़िसे सिर्फ एकदुसरे के साथ / सहारे जीनी चाहिये, “क्यूंकी यह ज़िन्दगी ना है आसान”…! (Double inverter वाली बात अच्छे से समझ लेना, बहुत कुछ छीपा है उस बात मे)!

नीचे दिये गये उपाय मेरे ख्याल से शादी निभाने के लिये काम जरूर आ सकते है!

  1. तुम्हारी लव मैरिज हो य़ा arrange मैरिज हो, अगर तुम शादी minimum 4-5 साल तक निभा पाये तो समझ जाना की तुम दोनो मे शादी टिकाने की काबिलियत है! even relationship वाले भी!
  2. हर शादी के रिश्ते की खासियत अलग होती है, जो तुम्हारे दोस्त की शादी लाइफ चल रही है वही same तुम्हारी भी हो ये ज़रूरी नहीं होता, इसलिये कभी भी किसी की बातों मे ना आये क्यूंकी यही गलत फेहमियां दरार लाने का काम करती है!
  3. शादी के / relationship के शुरुवाती दिनो जेसे लाइफ हमेशा होगी ये expectations बिलकुल मत रखना, क्यूंकी जेसे हमारी उम्र बढती है उसी प्रकार हमारे expectations बढते ज़ाते है, उसके आहोश मे आना मतलब दलदल मे जाना! ऐसे कम खुश नसीब couples दिखेंगे जिनकी मैरिज लाइफ years n years same होती है! पर जेसे मेने 2nd point मे बताया है की तुम्हारे दोस्त / दुसरों की मैरिज लाइफ जेसे तुम्हारी भी मैरिज लाइफ हो ये ज़रूरी नहीं!
  4. तुम लोगो पता है या नहीं ये तो नही जानता पर आजकल extra मैरिज अफ़यर इसलिये बढ रहे है क्यूंकी partner किसी ना किसी कारण बाहर की दुनिया मे खुश रह रहा होता है, फिर चाहे वो किसिकी पत्नी हो य़ा पती!
    मेरे हिसाब से ऐसा वक़्त सबके लाइफ मे एक बार आ ही जाता है, और जो रिश्ता कायम रखना चाहते है वो इस प्रॉब्लम से भी बाहर निकल आते ही है और फिर से दोनो की गाडी पटरी पर चलने लगती है!
  5. आजकल बहुत सुनने आया है की, प्यार कभी भी किसी से भी हो सकता है और उसके लिए कोई सीमा नहीं! जैसे मेने 4th point मे लिखा हू extra marriage affairs के बारे मे.
    मै उनलोगो बताना चाहुंगा की, अगर तुम्हे सच्चा प्यार हुआ होता तो फिर तुम्हे अपना प्यार हर किसी से बाटने की नौबत नहीं आती (except widow / widower). और तुम relationship or married होने के बावजुद तुम्हे प्यार हो रहा है तो फिर वो क्या है जो तुम पेहले भी same फील कीए थे ज़िससे अभी relationship मे हो / ज़िससे शादी हो चुकी है? ये तो सिर्फ आजकल का नया attraction बन चुका है की, अगर एकदुसरे से परेशान हो गए तो divorce ले लो पर कभी रिश्ते को आगे ले जाने की बात नहीं होती और मेरी मानो तो यही सबसे बड़ी वजह है, divorce होने के वरना रिश्ता निभाने वाला मौत आने तक निभा जाता है! इसलिये हो सके तो रिश्ता बरकरार रखने का प्रयास करे क्यूंकी रिश्ता नया बनाने मे समय नहीं लगता पर वही रिश्ता निभाने के लिये बहुत वक़्त लगता है! रिश्ता मिलने के लिए उम्र बीत जाती है किसी की पर किसिको रिश्ता नहीं मीलता पर किसी किसी को 2-2 बार मौका मीलता है, और ऐसे multi रिश्ते की अहमियत कोई मायने नहीं रखती ज़ितनी मायने वो कपल की होती है ज़िन्होने मौत आने तक साथ दिया होता है!
  6. अक्सर लोग कठिन काल मे depress हो जाते हैं, ऐसे वक्त पार्टनर का साथ बहुत मायने रखता हे, जेसे भगवान का साथ होना! सुख दुःख मे साथ मतलब एकदुसरे को जीवन भर आधार देना!

आखिर मे एक बात जरूर कहना चाहुंगा की, अक्सर ऐसे कपल भी दिखते है ज़िनका कोई मेल नहीं होता और खास करके वो लोग ज़िन्हे बुरी आदतों ने समेटा हुआ है.
जेसे की उदाहरन के तौर पर , एक फैमिली ज़िनके घर मे पती, पत्नी, 2 बच्चे, माँ बाप रहते हो वहां समझ सकते है की वहां कितना काम रहता होगा वो पत्नी को जो घर संभालती हो, नौकरी करती हो, बच्चों, माँ बाप की देखभाल… और उस पत्नी का पती सिर्फ नौकरी करता हो और जो कमाता है, वो जुआ, दारू, जेसे नशिले खर्च करके मज्जा करता हैं…!
कितने दुख की बात होती है ज़िनके घर मे ज़रा भी फैमिली emotions नहीं दिखते! उन्हे ये भी पता / याद नहीं होगा की उन्होने साथ मे कोई त्योहार, कोई सफर, या कोई ऐसे Functions जो फैमिली के साथ मनाये जाता हो, वो कभी attend किया हो!

ये बात इसलिये आपलोगो को बता रहा हूँ क्यूंकी ऐसे घर मे divorce नहीं होते पर इसका मतलब ये भी नहीं की, वो लोग खुश होते है! उन औरतों को हर दिन बड़ी मुश्किलो का सामना करके जीना पड़ता है! ख़ुशी तो बहुत दूर की बात है, वो लोग खुदका जन्मदिन भी नहीं मनाते! चाहे शादी लव मैरिज हो य़ा arrange मैरिज हो, पर ये जो हाल है इसमे ज्यादा से ज्यादा औरतों को तकलीफ मे जीते हुये देखा हूँ!

इस article के ज़रिये उन तमाम औरतों को कोटी कोटी नमन करता हूँ, क्यूंकी अगर वो औरते ने तलाक लेकर खुदका स्वार्थ देखे होते तो जिस घर मे बिना माँ के बच्चे घर मे बड़े हो रहे होते उस घर मे कोई भी बच्चा खुश नहीं रह सकता… इसलिये मे उन सारी औरतों को तहे दिल से नमन करता हूँ! इसलिये kgf मूवी मे एक dialogue है…””इस दुनियां मे सबसे बड़ा योद्धा माँ होती हैं!””

यह रहा मेरा स्पेशल article based on current divorce situation

यह ऐसा विषय है जीसपर जितना लिखा जाये, बात करे उतना कम है फिर भी मेरी तरफ से सारी बाते यहाँ बता दी हैं! आपलोगो को मेरा यह article कैसा लगा? अच्छा / बुरा वो मुझे जरूर बताये और कुछ suggestions देने है तो वो भी बताये…
मेरी e-mail ID – [email protected]

मयूर / महेंद्र

सूचना – यह पूरा लेख आजकल के जो news पढने / सुनने आते है उस बात पर गौर करके लिखा गया है !

धन्यवाद
महेंद्र पाटील

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